टीएमसी सांसद सागरिका घोष कहती हैं कि ‘ब्राह्मण’ शब्द अंग्रेज़ी बोलने वाली दुनिया में एलीट वर्ग के लिए इस्तेमाल होता है। यानी फिर वही पुरानी चाल – ब्राह्मणों को टारगेट करना और उनकी पहचान को विकृत करना!
👉 लेकिन इस बार प्रियंका चतुर्वेदी ने सख्त जवाब दिया और साफ कहा कि किसी वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी द्वारा भारत के संदर्भ में ‘ब्राह्मण’ शब्द का इस्तेमाल संयोग नहीं बल्कि सोची-समझी साज़िश है।
💥 सवाल उठता है – आखिर क्यों बार-बार ब्राह्मणों को बदनाम करने की कोशिश की जाती है? क्या सिर्फ़ इसलिए कि वे भारतीय संस्कृति, ज्ञान और परंपरा के प्रतीक हैं?
अब समय आ गया है कि इस एंटी-ब्राह्मण नैरेटिव का पर्दाफाश हो और यह स्पष्ट कर दिया जाए कि हिंदू समाज को तोड़ने की हर चाल का जवाब उसी ताक़त से दिया जाएगा।

