हुगली ज़िले के गोघाट से बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष शेख बकीबुल्ला का शव उनके घर की बालकनी से फांसी के फंदे पर लटका मिला, और सबसे हैरान करने वाली बात – उनके दोनों हाथ बंधे हुए थे।
ये कोई आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या की ओर इशारा करता है। बकीबुल्ला सिर्फ़ 35 साल के थे और इलाके में एक सक्रिय और प्रभावशाली नेता माने जाते थे।
घटना के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त आक्रोश है। उन्होंने टीएमसी पर साजिशन हत्या का आरोप लगाया है और पुलिस की भूमिका को भी कठघरे में खड़ा किया है। गोघाट में सड़कों पर उतरे कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
क्या एक विपक्षी नेता की आवाज़ को दबाने के लिए ये हत्या की गई? क्या बंगाल में अब राजनीतिक असहमतियों का जवाब मौत से दिया जाएगा?
ये सवाल न सिर्फ बंगाल बल्कि पूरे देश के लोकतंत्र के लिए खतरनाक हैं। अब वक्त है कि इस हत्या की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सख़्त सज़ा मिले।

