भारत में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले नीतिगत प्रणाली में एक स्थिरता और रुकावट थी, जो मुख्यतः अभिजात वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर बनाई जाती थी। इस प्रणाली के कारण अधिकांश आम जनता की आवश्यकताएं और समस्याएं अनदेखी रह जाती थीं।
अभिजात वर्ग की नीतियों का प्रभाव :
अभिजात वर्ग के ध्यान में रखकर बनाई गई नीतियों का प्रत्यक्ष प्रभाव विभिन्न क्षेत्रों में देखा जा सकता था।
रेलवे और सार्वजनिक सुविधाओं की उपेक्षा :
अधिकतर अभिजात वर्ग रेल यात्रा नहीं करता था और हवाई यात्रा या लक्जरी कारों का उपयोग करता था। इसके कारण रेलवे स्टेशन और ट्रेनें खुले में गिरते मल-मूत्र से भिनभिनाते रहते थे। इसी प्रकार, निर्धन किशोरियां और महिलाएं रेल पटरी या सड़क किनारे शौच करती थीं, क्योंकि घरों में शौचालय, बिजली, गैस, और जल की उपलब्धता नहीं थी।
बैंकिंग प्रणाली की कमजोरी :
बैंकिंग क्षेत्र भी अत्यधिक कमजोर स्थिति में था, जिसमें बैंकों के फेल होने की संभावना थी।
मोदी सरकार के सुधार :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए जिन्होंने इन समस्याओं का समाधान किया।
बैंकिंग सुधार :
27 सरकारी बैंकों को मिलाकर 12 बड़े बैंकों में परिवर्तित किया गया। नए दिवालिया कानून द्वारा बैंक किसी लोन न चुकता करने वाली कंपनी के विरुद्ध शीघ्र वसूली कर सकते हैं। परिणामस्वरूप, पिछले वित्तीय वर्ष में बैंकिंग सेक्टर ने 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक लाभ दर्ज किया।
आधार, जन धन और UPI :
आधार, जन धन अकाउंट और UPI द्वारा आम जनता का आर्थिक सशक्तिकरण किया गया। इन उपायों ने वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दिया और आर्थिक लेन-देन को सरल और सुरक्षित बनाया।
GST का कार्यान्वयन :
GST के माध्यम से व्यापार एवं चुंगी कर सहित दो दर्जन अलग-अलग करों का एकीकरण किया गया। आज GST कलेक्शन दो लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
धारा 370 और CAA :
धारा 370 हटाकर कश्मीर में अलगाववाद का स्थायी समाधान किया गया। CAA द्वारा कुछ पड़ोसी देशों में प्रताड़ित धार्मिक अल्पसंख्यकों को त्वरित नागरिकता देने का प्रावधान किया गया।
रक्षा और अग्निपथ योजना :
रक्षा हथियारों का निर्माण निजी क्षेत्र के लिए खोला गया। अग्निपथ योजना के माध्यम से भारतीय सशस्त्र बलों की औसत आयु लगभग 4-5 वर्ष कम हो जाएगी।
समग्र प्रभाव :
मोदी सरकार के इन सुधारों ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन लाए हैं।
आर्थिक और सामाजिक सुधार :
आधार, जन धन, UPI, और GST ने आम जनता की आर्थिक स्थिति में सुधार किया है। बैंकिंग क्षेत्र में स्थिरता और लाभप्रदता आई है।
सुरक्षा और संप्रभुता :
धारा 370 और CAA के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता को सुदृढ़ किया गया है।
रक्षा क्षेत्र का सुदृढ़ीकरण :
रक्षा क्षेत्र में निजी निवेश और अग्निपथ योजना ने सशस्त्र बलों की दक्षता और युवा प्रोफाइल को बढ़ावा दिया है।
निष्कर्ष :
21वीं सदी का भारत इनोवेटर्स, सम्पदा और रोजगार का सृजन करने वालों का है। मोदी सरकार द्वारा किए गए सुधारों ने न केवल तत्काल समस्याओं का समाधान किया है, बल्कि आने वाले समय में भारत के विकास और प्रगति की नींव भी रखी है। इन सुधारों का प्रभाव धीरे-धीरे स्पष्ट हो रहा है और यह देश को एक नई दिशा में ले जा रहे हैं।

