बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत का प्रधानमंत्री बनना है लेकिन खुद की पार्टी के अंदर हो रही अंदरुनी दरार को वह जब संभाल नहीं पा रहे हैं तो 140 करोड़ जनता को कैसे संभालेंगे आपको बता दे की एक बैठक के दौरान नीतीश कुमार की मौजूदगी में जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता लल्लन सिंह एवं अशोक चौधरी के बीच जमकर तू-तू, मैं-मैं हुई, जिसके बीच-बचाव के लिए वरिष्ठ नेताओं को सामने आना पड़ा। बैठक के बीच खुद के नेताओं को झगड़ता देख नीतीश कुमार बीच बैठक से उठकर चले गए।
क्या है मामला समझते है विस्तार से :
- आपको बता दे कि नीतीश कुमार ने पटना में बिहार की सभी विधानसभा सीटों के प्रभारियों को एक बैठक के लिए बुलाया था। इसी बैठक के दौरान जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष ललन सिंह और बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी के बीच आपस में कहा सुनी हो गई। दरअसल, ललन सिंह ने बैठक के बाद जमुई-बरबीघा में अशोक चौधरी के सक्रियता को लेकर टोकते हुए कहा कि, "अशोक चौधरी लगातार जमुई बरबीघा जाते रहते हैं जिससे वहां के स्थानीय विधायक को में नाराजगी है।"
- ललन सिंह ने अपनी बात को जारी रखते हुए आगे कहा कि, "किसी को कहीं आना-जाना हो तो वह मुख्यमंत्री से इजाजत लेकर जाए क्योंकि वह खुद ऐसा करते हैं।"
- बस क्या था अशोक चौधरी ललन सिंह पर भड़क गए और कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, "उन्हें टोकने वाले वो कौन होते हैं।" अशोक चौधरी का कहना है कि बरबीघा उनकी पुरानी कर्मभूमि रही है, उनका उस जगह से लगाव है।" हालांकि ललन सिंह का कहना है कि, "स्थानीय विधायक ने उनकी शिकायत की है कि वो बरबीघा ज्यादा ही आते-जाते हैं, जबकि वो उस जगह के प्रभारी भी नहीं हैं।" जब ये बहस हो रही थी, तब नीतीश कुमार ने किसी को नहीं टोका और चुपचाप बाहर निकल गए।

