पश्चिम बंगाल में टीएमसी द्वारा महिलाओं को बीच सड़क पर 1 किलोमीटर तक दंडवत करवाने का एक वीडियो वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह तीनों महिला है आदिवासी समुदाय से आती है, जिन्होंने भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन की थी लेकिन फिर से बाद में टीएमसी में वापसी पर इनको 1 किलोमीटर तक दंडवत की सजा सुनाई गई जिसको लेकर विवाद शुरू हो गया है।
✍️1 KM तक दंडवत TMC ने दी सजा।
— 🅱️harat Idea (@1bharatidea) April 8, 2023
➡️पश्चिम बंगाल के बालूरघाट में 1 किलोमीटर तक दंडवत की सजा 3 आदिवासी महिलाओं को टीएमसी द्वारा दी गई क्योंकि, उन्होंने भाजपा ज्वाइन किया था ।#bharatidea #bharat_idea #TMC #BJP #WestBengal #TMCGoons pic.twitter.com/KcHa0bQmCV
घटना बालूरघाट के तपन की :
जानकारी के मुताबिक यह घटना बालूरघाट के तपन की है, जहां महिलाओं को दंडवत करता देख सब हैरान रह गया। वही इस मामले पर टीएमसी का कहना है कि, "तीनों महिलाओं ने प्रायश्चित के तौर पर ऐसा किया है।" आपको बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा है कि, "यह तीनो महिलाएं टीएमसी छोड़कर बीजेपी में आ गई थी लेकिन जब इन तीनों ने टीएमसी में वापसी करनी चाही तो इन्हें जबरन दंड के तौर पर दंडवत करवाया गया।"
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भी विरोध टीएमसी ने :
बताया जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले की शिकायत महिला आयोग से करने पर भी विचार कर रही है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मजूमदार ने कहा कि, "टीएमसी हमेशा से आदिवासी विरोधी पार्टी है। इन तीनों आदिवासी महिलाओं के साथ जो टीएमसी ने किया है वो आदिवासियों का अपमान है। मेरा आदिवासी समाज से आह्वान है कि इस मामले को लेकर टीएमसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करें। आदिवासी महिलाओं के साथ जैसा किया है इसका बदला लोकतांत्रिक तरीके से आदिवासी समाज ले।" इससे पहले भी टीएमसी ने आदिवासी समाज से भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भी विरोध किया था।"

