भरत के किरदार को अमर करने वाले एक्टर स्वर्गीय संजय जोग की पढ़े जीवनी, कैसे मिला था रोल

नमस्कार फिर से एक बार स्वागत है आपका भारत आइडिया में,तो दोस्तों इस मुश्किल की घड़ी में पूरे देश में लॉक डाउन लगा  हुआ है  और इस  मुश्किल भरे समय को काटने के लिए सरकार ने दूरदर्शन पर फिर से एक बार रामायण प्रसारित किया है और जब रामायण का जिक्र हो तो रामायण में निभाए गए कैरेक्टर्स का जिक्र क्यूं ना हो । राम, लक्ष्मण,सीता के निभाए गए रोल की हर जगह जिक्र है। लेकिन क्या आपको पता है,  भरत का किरदार किस व्यक्ति ने निभाया था। आपको हम बता दे कि भारत का रोल जिन्होंने किया था उनका नाम है संजय जोग।संजय जोग ने मात्र 40 वर्ष की आयु में दुनिया को अलविदा कह दिया था। आज हम बात करेंगे संजय जोग के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में। 




संजय एयरफोर्स पायलट बनना चाहते थे:-
संजय जोग का जन्म महाराष्ट्र के नागपुर में हुआ था। संजय ने मुंबई के एक स्टूडियो से एक्टिंग का कोर्स किया था। वैसे संजय एयरफोर्स पायलट बनना चाहते थे। लेकिन उनके पैरेंट्स को ये मंजूर नहीं था। कुछ रिपोर्ट्स को माने तो संजय की फैमिली ने अपने कई रिश्तेदारों को 1971 में हुए इंडो-पाकिस्तान युद्ध में खोया था। इसलिए एक्टर के पैरेंट्स नहीं चाहते थे संजय इस सर्विस में जाए।



पहले लक्ष्मण का किरदार हुआ था ऑफर:-
आपको बता दें कि लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले संजय जोग ने मराठी सिनेमा में भी काम किया था उनकी डेब्यू फिल्म मराठी ही थी, जो कि 1976 में रिलीज हुई थी लेकिन यह फिल्म पूरी तरह से फ्लॉप हो गई। जिसके बाद संजय जोग का एक्टिंग से मन हट गया और उन्होंने इस मायानगरी को छोड़ अपने गांव लौट गए। संजय जोग अपने गांव में खेती करने लगे और उसी से अपना और अपने परिवार का पालन पोषण करने लगे । एक बार संजय जोग खेती के काम से ही  दोबारा मायानगरी लौटे और इसी बीच वहां पर उन्हें एक रोल ऑफर हुई । संजय को फिल्म जिद में लीड रोल मिला था. इस मूवी में मराठी सिनेमा के पॉपुलर नाम शामिल थे. ये फिल्म हिट हुई. इसके बाद से संजय के करियर ने तेजी से उड़ान भरी. संजय जोग ने करीबन 30 मराठी फिल्में की. उन्होंने गुजराती फिल्मों में भी काम किया. धीरे धीरे वे हीरो से एंटी हीरो रोल भी निभाने लगे। 



1989 में हिंदी फिल्मों में डेब्यू किया :-
संजय जोग ने 1989 में हिंदी सिनेमा का रुख किया, उनकी डेब्यू बॉलीवुड फिल्म अपना घर थी। इसके बाद उन्होंने जिगरवाला, हमशक्ल, नसीबवाला, बेटो हो तो ऐसा में काम किया। 1994 में रिलीज हुई फिल्म बेटा हो तो ऐसा उनकी आखिरी मूवी थी। संजय ने रामानंद सागर की रामायण से टीवी डेब्यू किया था। भरत का किरदार निभाने के बाद वे घर घर में पॉपुलर हो गए थे। पहले संजय को लक्ष्मण का रोल ऑफर किया गया था। रिपोर्ट्स थीं कि डेट्स कम होने की वजह से संजय जोग ने ये रोल करने से इंकार किया था। बाद में उन्हें भरत का रोल मिला था। 



मात्र 40 की उम्र में दुनिया को अलविदा कहा:-
संजय जोग के फैंस को तब झटका लगा था जब अचानक उनके निधन की खबर आई। 27 नवंबर 1995 को लिवर फेल होने की वजह से उनका निधन हो गया था।  जिस वक्त संजय जोग ने दुनिया को अलविदा कहा तब वे महज 40 साल के थे। 


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