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News In Shorts: कोरोना वायरस का इलाज मुम्किन लेकिन प्रक्रिया मुश्किल

समाचार के मुख्य बिंदु :-


कोरोनावायरस (Coronavirus) की चपेट में दुनिया के कई देश आ चुके हैं।  वहाँ लगातार वायरस (Coronavirus) से सामना करने की कोशिशें की जा रही है।  कोरोनावायरस की चपेट में आने के कारण वयस्कों (adults) में हजारों लोगों की मौत भी हो चुकी है तो बड़ी संख्या में लोग इस वायरस से पीड़ित होने के बाद ठीक भी हो चुके हैं।  इस बीच वायरोलोजिस्ट डॉ। इयान लिपकिन (Meanwhile Virologist Drs. Ian Lipkin) ने लोगों को एक बड़ी सलाह दी। इयान लिपकिन ने बताया कि इस वायरस का टीका (वैक्सीन) आने में एक साल का लंबा वक़्त लग सकता है।  साथ ही लिपकिन ने सलाह दी है कि जो लोग इस वायरस की चपेट में आने के बाद ठीक हो चुके हैं, उन्हें प्लाज्मा  बैंकों को प्लाज्मा (plasma) प्रदान करना चाहिए क्योंकि यह कोरोनो वायरस के इलाज में प्रभावी है।उन्होंने कहा, 'जो रोगी कोरोना वायरस से ठीक हो चुके हैं उनके प्लाज्मा घातक रोगजनक (वायरस) (antibodies to the deadly pathogen (virus)) के लिए बड़ी मात्रा में एंटीबॉडी होते हैं. दान किए गए रक्त से प्लाज्मा का इस्तेमाल पीड़ित के शरीर पर घातक रोगजनकों से लड़ने के लिए एंटीबॉडी (antibodies) बनाने के लिए किया जाएगा.




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