Engहिंदी

Get App

हम राजनीती एवं इतिहास का एक अभूतपूर्व मिश्रण हैं.हम अपने धर्म की ऐतिहासिक तर्क-वितर्क की परंपरा को परिपुष्ट रखना चाहते हैं.हम विविध क्षेत्रों,व्यवसायों,सोंच और विचारों से हो सकते हैं,किन्तु अपनी संस्कृति की रक्षा,प्रवर्तन एवं कृतार्थ हेतु हमारा लगन और उत्साह हमें एकजुट बनाये रखता है.हम आपके विचारों के प्रतिबिंब हैं,आपकी अभिव्यक्ति के स्वर हैं,हम आपको निमंत्रित करते हैं,अपने मंच 'BharatIdea' पर,सारे संसार तक अपना निनाद पहुंचायें.

मेक इं इंडिया का बजा डंका, श्रीलंका में भारत की बनी ट्रेन ने भरे फर्राटे.

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका भारत आइडिया में तो दोस्तों आज हम बात करने वाले हैं भारतीय रेलवे के उस उपलब्धि के बारे में जिस को हासिल करने में हमें 70 वर्ष लग गए. जी हां दोस्तों आज हम बात करने वाले हैं भारतीय रेलवे के उस कारनामे के बारे में जिसकी चर्चा हर जगह हो रही है और इसकी जानकारी ट्विटर के जरिए खुद रेल मंत्री पीयूष गोयल जी ने दी है. तो आइए जानते है पूरी खबर.


क्या  है खबर :
मेक इन इंडिया' के तहत भारत की सबसे आधुनिक इंजनलेस ट्रेन T-18 का देश ही नहीं विदेशों में भी डंका बज रहा है. भारत में अभी यह ट्रेन ट्रायल पर चल रही है लेकिन, पड़ोसी देश श्रीलंका में इंजनलेस ट्रेन T-18 ने फर्राटा भरना शुरू कर दिया है. दरअसल, रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इसके बारे में जानकारी देते हुए एक वीडियो ट्वीट किया है. यह वीडियो श्रीलंका के समुद्र तट के पास की रेलवे लाइन पर शूट किया गया है.  


काम कीमत के कारण बढ़ रही है मांग :
पीयूष गोयल ने ट्वीट में लिखा है कि मेक इन इंडिया मेड ऑर वर्ल्ड. भारत की रेलवे कोच फैक्ट्री आईसीएफ चेन्नई में बनी ट्रेन अब श्रीलंका में दौड़ रही है. बता दें कि ये रेलगाड़ी बहुत आराम से 200 किलोमीटर की गति पर चलाई जा सकती है. यूरोप व पश्चिमी देशों में मौजूद आधुनिक सिग्नलिंग व्यवस्था के तहत भी इस रेलगाड़ी को चलाया जा सकता है. इसकी मांग विदेशों में बढ़ने का मुख्य कारण यह है कि जिस कीमत पर इस ट्रेन को बनाया गया है वह बेहद आकर्षक है. दुनिया में कहीं भी इस कीमत पर इस तरह की ट्रेन नहीं बनाई जा रही है.


और भी देशों में होगा निर्यात, ICF :
रेलवे की चेन्नई स्थित ICF कोच फैक्ट्री मलेशिया, फिलिपींस, ताईवान, वियतनाम, बांगलादेश, तंजानिया, मोजैम्बिक, अंगोला, नाइजीरिया, युगांडा व कुछ अन्य देशों के लिए रेलगाड़ियों के डिब्बे या उनके पुर्जे बना कर निर्यात कर रही है. वहीं, श्रीलंका को खास तरह की डीएमयू ट्रेन दी गई है. श्रीलंका का ज्यादातर हिस्सा समुद्र तटों के करीब है. ऐसे में यहां लोहे में जंग लगने की समस्या रहती है. इसको ध्यान में रखते हुए इस रेलगाड़ी को खास तरह के स्टील से बनाया गया है. इस स्टील पर जंग नहीं लगती है. इस गाड़ी को ले कर श्रीलंका रेलवे काफी उत्साहित है और गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए ICF को और ऑर्डर देने पर विचार कर रही है.

Breaking News
Loading...
Scroll To Top