चुनाव में हार के बाद भी शिवराज सिंह चौहान ने कुछ किया ऐसा की आप करेंगे सलाम .

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका भारत आइडिया में तो दोस्तों आज आपको हम बताने वाले हैं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बारे में जिनकी बीते विधानसभा चुनाव में हार हुई है लेकिन उस हार के बाद भी मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कुछ ऐसा किया है जिसको सब कर रहे हैं सलाम.


क्या है मामला :
पांच राज्यों के चुनावी परिणामों ने एक तरफ कांग्रेस के हौसले बुलंद कर दिए है, वही दूसरी ओर अपने 3 बड़े राज्यों में हारकर बीजेपी के हौसले पस्त है. पांच राज्यों में अगर किसी राज्य में सबसे करीबी मुकाबला था तो वो राज्य मध्यप्रदेश ही था. मध्यप्रदेश में मात्र कुछ हज़ार वोटों के अंतर से शिवराज को पूरे राज्य में अपनी सत्ता खोनी पड़ी. मध्यप्रदेश में सत्ता खोने के बावजूद शिवराज सिंह चौहान ने कई ऐसे काम किये है जिन्हे आज से पहले शायद देश में किसी नेता नहीं किया था. उनकी इस पहल के चल उनको पूरे देश में खूब सराहा जा रहा है.


क्या कहा मामा ने :
आपकी जानकारी के लिए बता दें की मध्यप्रदेश चुनावों में मिली हार के बावजूद शिवराज सिंह चौहान ने अपने ट्विटर अकाउंट से खुद को कॉमन मैन ऑफ मध्य प्रदेश ‘मध्य प्रदेश का एक आम आदमी’ बताया है। शिवराज सिंह चौहान के इस ट्वीट की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है, क्योकि उन्होंने खुद को पूर्व मुख्यमंत्री की जगह मध्यप्रदेश का एक आम नागरिक बताया है. शिवराज सिंह ने आगे कहा की “मैं मध्यप्रदेश में पैदा हुआ और यहीं मरूंगा” उन्होंने इस बात को सिरे से ख़ारिज कर दिया की वो केंद्र की राजनीति में दाखिल होने वाले है और कहा ‘जनता के लिए जिऊंगा जनता के लिए मरूंगा, अर्थी पर जब तक नहीं जाऊंगा तब तक जनता की सेवा करूंगा, मेरा आदि, मध्य और अंत मध्यप्रदेश है. आजीवन मध्यप्रदेश की जनता की सेवा करूंगा. कभी केंद्र की राजनीति में नहीं जाऊंगा” .


24 घंटे में खाली किया सरकारी बंगला :
आपकी जानकारी के लिए बता दें  शिवराज सिंह चौहान ने चुनावो में मिली हार के बाद इस्तीफा दे दिया था और मात्र 24 घंटों के अंदर सरकारी बँगला खाली करना शुरू कर दिया था. इस बात को लेकर भी उनकी जमकर सोशल मीडिया पर पुरे देश में तारीफ हो रही है. सोशल मीडिया पर कई लोगो ने तर्क दिया की ऐसा करने वाले शिवराज सिंह शायद भारत के पहले मुख्यमंत्री है, नहीं तो इससे पहले लालू, मुलायम और मायावती से सरकारी बंगले खाली करने के लिए प्रशासन को नाकों चने चबाने पड़ गए थे.

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