लोकसभा की पूर्ण जानकारी :


लोकसभा भारत की संसद है जो राज्यसभा से भी बरी होती है, लोकसभा का चुनाव सीधे जनता द्वारा किया जाता है, लोकसभा के छेत्र निर्धारित होते है जहाँ से कोई एक प्रतिनिधि जनता द्वारा चुना जाता है वोटो के गणना के अनुसार और प्रतिनिधि लोक सभा का सांसद बनता है। 

पहली लोकसभा का गठन 17 अप्रैल 1952 को किया गया था। 


लोकसभा का सांसद 5 वर्षो के कार्यकाल के लिए चुना जाता है। 


लोकसभा का गठन आजादी के बाद से 16 बार किया जा चूका है। 


लोकसभा के अंदर किसी मीडिया को अंदर जा कर प्रसारण करने की अनुमति नहीं है, लोकसभा का खुद का चैनल है जो अंदर की गतिविधियों को प्रसारित करता है। 


लोकसभा में कुल 552 शिटे होती है जिसमें 530 शिटे अलग-अलग प्रदेशों से निर्वाचित सांसदो के लिए बुक रहती है, 20 शिटे केंद्रशासित प्रदेश या राष्ट्रपति द्वारा चुने जाते है तथा 2 शिटे एंग्लो भारतीय समुदाय  अरक्छित है। 


लोकसभा में 530 शिटो में 131 शिटे अरक्छित होती है, जिसमे 84 SC तथा 47 ST रिजर्व्ड है। 



लोकसभा की पूर्ण जानकारी :

लोकसभा का सदस्य बनने के लिए योग्यता :

  • भारत का नागरिक होना चाहिए। 
  • 25 वर्ष या उससे अधिक उम्र होनी चाहिए। 
  • कुछ भी तरह का कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए। 
  • देश के किसी भी हिस्से में मतदाता सूचि में नाम होना चाहिए। 


लोकसभा की शिट इस वजह से खाली हो सकती है। 



  • किसी कारण वश सांसद अपना इस्तीफा स्पीकर को देदे। 
  • लगातार 60 दिन अनुपस्थित रहता है। 
  • अगर सदस्य दलबदल विरोधी कानून के तहत पार्टी बदल ले। 
  • आकस्मिक मृत्यु। 


स्पीकर का चुनाव : 

लोकसभा में एक मुख्य स्पीकर होते है तथा एक डिप्टी स्पीकर होते है जो संसद चलाते है, इनका चुनाव संसद सांसदों द्वारा किया जाता है। स्पीकर का काम शन्ति तथा निस्पक्छता से संसद को चलाने का होता है तथा ये संसद को निश्चित या अनिश्चित काल तक के लिए स्थगित कर सकते है। 

गणेश वाशुदेब मावलंकर लोकसभा  पहले अध्यक्छ / स्पीकर रहे थे। 


लोकसभा के सत्र :



  • बजट सत्र : फेब्रुअरी से मार्च,  
  • मानसून सत्र : जुलाई  सितम्बर,
  • शीत कालीन सत्र : नवम्बर से आधे सितम्बर तक। 


लोकसभा के बैठकों का समय :



  • लोकसभा का सुबह का सत्र 11 बजे से 1 बजे तक चलता है। 
  • 1 बजे से 2 बजे तक का ब्रेक होता है। 
  • फिर दोपहत का सत्र 2 बजे से 6 बजे तक चलता है। 
  • अगर किसी खास मुद्दे पर सभा चर्चा चल रही है तो ब्रेक का समय हटा दिया जाता है, तथा शाम की भी अवधी बढ़ा  है। 
  • लोकसभा में सभा शुरू करने लिए कमसे कम 55 सांसद होने जरुरी है। 
  • सरकारी छूटियो तथा शनिवार को सदन बंद रहता है। 


विशेष सत्र 

लोकसभा में 2 विशेष सत्र का भी प्रावधान है जिसे राष्ट्रपति  नियोजित कर सकते है।


  • संसद विशेष सत्र : ये सत्र आपातकाल या विशेष कार्य की स्थिति में राष्ट्रपति द्वारा किसी भी समय नियोजित की सकती है। 
  • लोकसभा विशेष सत्र : ये सत्र देश में आपातकाल जैसी स्थिति  किसी विशेष कार्य  की स्थिति  में सांसद राष्ट्रपति को विशेष सत्र के लिए नोटिस दे सकते है। 


संसदकाल 

लोकसभा में दो काल होते है :


  • प्रश्न  काल : लोकसभा सत्र का पहला घंटा प्रश्नकाल का होता है, संसद में कोई भी सदस्य किसी से भी सवाल जवाब करने का हक़ रखता है। प्रश्नकाल 3 तरह के होते है,
  1. तारांकित : इसमें सवाल का जवाब सामने ही बोलकर दिया जा सकता है। 
  2. अतारांकित : इसमें सवाल का जवाब लिख कर देना होता है। 
  3. अल्प सूचना : इसमें प्रश्न का जवाब तुरंत ही देना होता है। 


प्रश्नकाल के बाद जीरो समय आता है, और इसी दौरान अल्प सूचना वाला सवाल पूछा जाता है, इस अवधी में स्पीकर से प्रश्न पूछने के लिए अनुमति लेनी होती है तथा जिनसे सवाल पूछना होता है उनको तुरंत जवाब देने को तैयार रहने के लिए कहा जाता है।




  • बिजनेस काल : ये ब्रेक के बाद होता है जो कार्यो, चुनावों, राज्यों से जुड़ी तमाम जानकारी के अंतर्गत होता है। 


लोकसभा द्वारा पारित प्रस्ताव :

लोकसभा में विपछ की भी बरी भूमिका होती है सो उनके पास सरकार गिराने के लिए 2 प्रस्ताव निर्धारित है। 


  • अविश्वाश प्रस्ताव :ये तत्कालीन सरकार के विरुद्ध लाया जाता है, इसके लिए 50 सांसदों की संख्या चाहिए होती है, तभी ये प्रस्ताव लायी जा सकती है जिसमे सरकार को सांसदों के हिसाब से अर्ध बहुमत साबित करनी होती है सरकार बचने के लिए। 
  • निंदा प्रस्ताव : इसके अंतर्गत विपच्छ सरकार के कामो का विरोध करती है जिसमे सवाल जवाब किये जाते है, इसके लिए भी 50 सांसदों की संख्या जरुरी होती है। 


लोकसभा का विघटन :



  • ये राष्ट्रपति के द्वारा होता है, जिसका मतलब है तत्कालीन लोकसभा समाप्त हो चुकी है और अब नए सिरे से चुनाव होंगे और नया लोकासभा गठित होगी। 


किस राज्य में कितनी शीटों पर सांसदों के चुनाव लाडे जाते है। 

  • जम्मू कश्मीर ( श्रीनगर ) : 6 
  • हिमाचल प्रदेश ( शिमला ) : 4 
  • पंजाब ( चंडीगढ़ ) : 13 
  • उत्तराखंड ( देहरादून ) : 5 
  • हरियाणा ( चंडीगढ़ ) : 10 
  • राजस्थान ( जयपुर ) : 25 
  • गुजरात ( गांधीनगर ) : 26 
  • मध्यप्रदेश ( भोपाल ) : 29 
  • उत्तरप्रदेश ( लखनऊ ) : 80 
  • बिहार ( पटना ) : 40 
  • झारखण्ड ( रांची ) : 14 
  • श्चिम बंगाल (कोलकाता ) : 42  
  • सिक्किम ( गंगटोक ) : 1 
  • असम ( दिसपुर ) : 14 
  • अरुणाचल प्रदेश ( ईटानगर ) : 2 
  • नागालैंड ( कोहिमा ) : 1 
  • मणिपुर ( इम्फाल ) : 2 
  • मिजोरम ( आइजोल ) : 1 
  •  त्रिपुरा ( अगरतला ) : 2 
  • मेघालय (शिलॉन्ग ) : 2 
  • ओडिशा ( भुवनेश्वर ) : 21 
  • छत्तीसगढ़ (रायपुर ) : 11 
  • महाराष्ट्रा ( मुंबई ) : 48 
  • तेलंगाना (हैदराबाद ) : 17 
  • आँध्रप्रदेश ( अमरावती ) : 25 
  • कर्नाटक ( बेंगलुरु ) : 28 
  • तमिलनाडु ( चेन्नई ) : 39 
  • केरला (त्रिविनंतपुरम ) : 20 
  • गोवा ( पंजी ) : 2 
  • अंडमाण्ड निकोबार : 1 
  • पांडिचेरी : 1 
  • लक्च्द्धीप : 1 
  • चंडीगढ़ : 1 
  • दादर और नागर हवेली : 1 
  • दमन और द्वीप : 1 
  • दिल्ली : 7 
सम्पादक : विशाल कुमार सिंह 



Reactions