जहाँ एक तरफ केरला बाढ़ से जूझ रहा है वही केरला के मुख्यमंत्री गन्दी राजनीती में लगे हुए है .

आपको जानकर हैरानी होगी की जहाँ पूरे देश भर से केरला में बाढ़ पिरितो के लिए मदद भेजी जा रही है वही केरला के मुख्यमंत्री ने कुछ ऐसा कर दिया जिसकी केंद्र ने उम्मीद भी नहीं की होगी, दरअसल बात ऐसी है की UAE की तरफ से 700 करोड़ की धन राशि ऑफर की गयी केरला के बाढ़ पिरितो के लिए जिसे केंद्र सरकार ने लेने से मना कर दिया क्युकी केंद्र सरकार के अनुशार भारत इतना समर्थ है की वो अपने देश के राज्यों की बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटारा पा सके। मजे की बात सरकार का UAE की धनराशि की मदद को न करने का नहीं है बल्कि ऐसा है की UAE ने 700 करोड़ की धन राशि की बात ही नहीं कही।


जहाँ एक तरफ केरला बाढ़ से जूझ रहा है वही केरला के मुख्यमंत्री गन्दी राजनीती में लगे हुए है .

इस मजरे को समझने के लिए आपको शुरुआत से सब समझना होगा, दरअसल UAE के प्रिंस तरफ से 20 अगस्त को ट्वीट किया गया की UAE भारत की इस शंकट की घरी में हर संभव मदद करेगा फिर 21 अगस्त को रात में 9 बजकर 56 मिनट पर केरला के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन द्वारा फेसबुक पर एक प्रेस रिलीज़ पोस्ट की गयी जिसमे वो UAE को 700 करोड़ की धनराशि की सहायता देने की बात पर शुक्रिया अदा कर रहे थे। अगले दिन 22 अगस्त को UAE के प्रिंस नाहयान द्वारा फिर से एक ट्वीट के जरिये सहायता देने की बात कही गयी लेकिन उसमे कही भी 700 करोड़ का जिक्र नहीं था, इस ट्वीट के जवाब स्वरुप में प्रधानमंत्री ने उनको धन्यवाद भी किया। 

अब ये गलत ट्वीट या पोस्ट केरला के मुख्यमंत्री के तरफ से क्यों किया गया वही इसका जवाब दे सकते है लेकिन सरकार की तरफ से केरला के मुख्यंत्री पर ये आरोप लगाए जा रहे है की केरला के मुख्यमंत्री की तरफ से ये सब सरकार को निचा को निचा दिखने के लिए किया गया है। बीजेपी की तरफ से ये आरोप लगाए गए है की सरकार ने केरला बाढ़ पीड़ितों के लिए 600 करोड़ रूपये की मदद दी है जिसके जवाब स्वरुप केरला के मुख्यमंत्री ने एक झूठा आंकड़ा पेश किया की UAE के प्रिंस की तरफ से 700 करोड़ की मदद दी जा रही है। 

सम्पादक : विशाल कुमार सिंह 



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