Rahul's attack government response / राहुल के हमले ,सरकार के जवाब

                    ◆ अविश्वास पर आर-पार◆

●राहुल गांधी : रक्षा मंत्री ने गोपनीयता समझौते का हवाला देकर राफेल की जानकारी नहीं दी फ्रांस के राष्ट्रपति ने खुद मुझसे कहा कि इस तरह का कोई करार नहीं है।

● रक्षा मंत्री: २५ जनवरी २००८ में तत्कालीन यूपीए सरकार ने फ्रांस के साथ गोपनीयता समझौता किया एंटनी ने करार पर हस्ताक्षर किए खुद फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने एक साक्षात्कार में कहा की जानकारी सार्वजनिक नहीं कर सकते।
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●राहुल गांधी: दलितों,आदिवासियों और अल्पसंख्यकों को पीटा जा रहा है ,लेकिन प्रधानमंत्री इस पर नहीं बोलते उल्टा सरकार के मंत्री हिंसा करने वालों को हार पहनाते हैं।

● गृह मंत्री: देश में १९८४ का सिख विरोधी दंगा मॉब लिंचिंग की सबसे बड़ी घटना थी। इस समय के नेता ने कहा था कि पेड़ गिरता है तो धरती कांपती है, लेकिन हमारी सरकार मॉब लिंचिंग के लिए गंभीर है और राज्यों को हर संभव मदद कर रही है।
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●राहुल गांधी: १५ लाख रुपए और रोजगार देने का वादा सिर्फ जुमला है एमएसपी भी जुमला है। प्रधानमंत्री के शब्द का मतलब होना चाहिए और यही पूरा देश पूछ रहा है।

● स्वास्थ्य राज्य मंत्री: हमें जुमलों की सरकार कहा जा रहा है ,लेकिन हमारी सरकार ने अपने किए वादों को पूरा करने के लिए काम कर रही है पूर्व की सरकारों की योजनाओं और खोज खबर ली और उन्हें पूरा कर रहे हैं हमने गरीबी हटाओ का जुमला नहीं दिया।
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●राहुल गांधी: जब आप के मंत्री संविधान को बदलने की बात करते हैं यह अंबेडकर के संविधान और इस सदन का अपमान है।

● खाद्य आपूर्ति विभाग: भाजपा नेतृत्व की सरकार हमेशा से दलितों के  हित में काम किया है। दलित उत्पीड़न निवारण कानून में अदालत का फैसला आते ही सरकार ने पुनर्विचार याचिका दायर की अगर अब भी फैसला अनुकूल नहीं आया तो सरकार अध्यादेश लाएगी।
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संपादक: आशुतोष उपाध्याय
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