Engहिंदी

Get App

हम राजनीती एवं इतिहास का एक अभूतपूर्व मिश्रण हैं.हम अपने धर्म की ऐतिहासिक तर्क-वितर्क की परंपरा को परिपुष्ट रखना चाहते हैं.हम विविध क्षेत्रों,व्यवसायों,सोंच और विचारों से हो सकते हैं,किन्तु अपनी संस्कृति की रक्षा,प्रवर्तन एवं कृतार्थ हेतु हमारा लगन और उत्साह हमें एकजुट बनाये रखता है.हम आपके विचारों के प्रतिबिंब हैं,आपकी अभिव्यक्ति के स्वर हैं,हम आपको निमंत्रित करते हैं,अपने मंच 'BharatIdea' पर,सारे संसार तक अपना निनाद पहुंचायें.

कारगिल की लड़ाई में हो सकती थी नवाज शरीफ की मौत अगर ऐसा होता तो ?



आज कारगिल विजय दिवस है, ये वो दिन है जिसने हमें पूरी दुनिया के सामने गर्वान्वित किया की हमारे देश की सेना वो सेना है जो बारूद से भी टकरा जाये। इस युद्ध में भारत के 527 योद्धा शहीद हुए थे जबकि 1350 से ज्यादा जवान घायल हुए थे लेकिन क्या आपको पता है इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबित, इस कारगिल युद्ध में मुर्सरफ और उस वक़्त के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की भी जान जा सकती थी कैसे आइये जानते है।


इंडियन एक्सप्रेस के खबर के मुताबित 24 जून 1999 को करीब सुबह 8.45 बजे जब लड़ाई अपने चरम पर थी उसी वक़्त भारतीय वायु सेना के एक जगुआर ने नियंत्रण रेखा एलओसी के ऊपर उड़ान भरी और निशाना साधा सीधे पाकिस्तानी सेना के एक अग्रिम ठिकाने पर, आपको हम बतादे की जगुआर लेज़र गाइडेड सिस्टम से टारगेट पर निशाना साधने को चिन्हित करता है। 

पहले जगुआर से हमले के बाद उसके पीछे आ रहे दूसरे जगुआर को बमबारी करनी थी लेकिन दूसरे जगुवार का निशाना चूक गया और उसने लेजर बास्केट से बाहर बम गिराया जिसके कारण वो पाकिस्तानी ठिकाना बच गया। अगर दूसरे जगुआर का निशाना सही लगा होता तो शायद उस वक़्त के प्रधानमन्त्री नवाज शरीफ और परवेज मुशर्रफ़ मरे गए होते।

सम्पादक : विशाल कुमार सिंह
भारत आईडिया से जुड़े :
अगर आपके पास कोई खबर हो तो हमें bharatidea2018@gmail.com पर भेजे या आप हमें व्हास्स्प भी कर सकते है 9591187384 .
आप भारत आईडिया की खबर youtube पर भी पा सकते है।
आप भारत आईडिया को फेसबुक पेज  पर भी फॉलो कर सकते है।


Breaking News
Loading...
Scroll To Top